देहरादून, 28 जून: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयों/आश्रितों की नियुक्तियों को लेकर उत्तराखंड संयुक्त मंच का धरना-प्रदर्शन/ कर्मिक अनशन 14 वें दिन भी शहीद स्मारक, देहरादून में जारी रहा। सनद रहे की यह लोग वर्ष 2011 से अपनी लंबित नियुक्तियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि सरकार द्वारा इन नियुक्तियों को लेकर दो वर्ष पूर्व एक्ट भी पारित हो चुका है।
आज राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल धरना स्थल पहुंचे औऱ धरने पर बैठे लोग से वार्तालाप की। जिस पर मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने उन्हें विस्तार से पूरा मामला समझाया कि कैसे शासन में बैठे लोगों ने 2013 के हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर सरकार को गुमराह किया, जिससे हम जैसे कई आंदोलनकारी साथियों के 13 साल बर्बाद हो चुके हैं। इन सब विषय समझने के बाद उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री से मिलकर शीघ्र निस्तारण करवाने का आश्वासन भी दिया।

इसके बाद उन्होंने सभी आंदोलनकारियों के साथ शहीदों को नमन करते हुए रामनगर, नैनीताल के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी पान सिंह नेगी “पनदा” के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुऐ भगवान से उनकी आत्मा की शान्ति की प्रार्थना की।
आज अनशनमें बैठने वालों में विकास नगर से राम किशन और रामनगर से नवीन नैथानी केंद्रीय महामंत्री चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति, सयुंक्त रूप से बैठे।
धरने के समर्थन में बैठने वालों में प्रमुख रूप से सयुंक्त मंच के संयोजक अंबुज शर्मा, विनोद असवाल ,सुरेश नेगी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के अध्यक्ष नवनीत गुसाईं , प्रभात डंडरियाल, प्रवीण गुसाईं,राजेंद्र प्रसाद पैन्यूली, हरिप्रकाश शर्मा, मोहन सिंह रावत, मनोज कुमार, पंकज सिंह रावत, क्रांति अभिषेक, सुनीता ठाकुर, मनोरथ ध्यानी,यशोदा देवी आदि उपस्थित रहे।
