हसदेव के जंगल: एक पौधा मां के लिए और पूरा जंगल ‘अब्बा’ के नाम ! हे मेरे राम, ये कैसा काम ?
आलेख : संजय पराते यह हमारे समय का प्रहसन ही है कि एक ओर मोदी सरकार ‘जय श्रीराम’ के कानफाड़ू…
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देहरादून, 21 जनवरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विकास के साथ वन संरक्षण, पर्यावरण, आपदा…
डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला (दून विश्वविद्यालय ) सिर्फ सर पर गमछा बांध लेने से या श्रीपदम मिल जाने से कोई…
देहरादून, 21 नवम्बर : अपर मुख्य सचिव आनन्दवर्धन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को समाप्त करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट के तहत 5…
डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला सोचने से मिलते नहीं तमन्नाओं के शहर, मंजिल को पाने के लिए चलना भी जरूरी है।’…
डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला उत्तराखंड आदिकाल से अपनी परम्पराओं और रिवाजो द्वारा प्रकृति प्रेम और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी…
उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की अभी तक दो हजार से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी है। जिनकी चपेट…
पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड के जंगलों में हर साल एक से डेढ़ करोड़ पौधे लगाए जा रहे, लेकिन इनमें…
उत्तराखंड का इतिहास पर्यावरण संरक्षण का रहा है और पेड़ों को काटने का जब-जब जिक्र आता है तब-तब चिपको आंदोलन…
उत्तराखंड गठन के बाद से अब तक पौड़ी जिले का गांव इन दिनों सुर्खियों में है। कारण है, वहां पिंजरे…