शुगर की बीमारी से जुझ रहे नवनीत गुसाईं को 8 दिन धरने में व एक दिन अनशन बैठना पड़ा भारी
देहरादून 14 जुलाई : आखिरकार 30 दिन से शहीद स्मारक में चल रहे सयुंक्त मंच धरने व उसमें लगातार प्रतिभाग कर रहे राज्यान्दोलनकारी नवनीत गुसाईं की मृत्यु के बाद आज सचिव शैलेश बगोली ने वार्ता के लिए बुलवा ही लिया। मगर नतीजा वही “ढाक की तीन पात” ही रहा ।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल की पहल पर राज्य आंदोलनकारियों के विभिन्न विषयों को लेकर गृह सचिव शैलेश बगोली के साथ बैठक आहूत की गई जिसमें राज्य आंदोलनकारी पदाधिकारी सदस्य भी मौजूद रहें।
सुभाष बड़थ्वाल एवं गृह सचिव के साथ राज्य आंदोलनकारियों ने काफी चर्चा के पश्चात गृह सचिव ने आंदोलनकारियों के लम्बित मामलों के समाधान हेतु कैबिनेट कमेटी बनाने पर सहमति बनी। आंदोलनकारियों की समस्याओं के निस्तारण हेतु त्रिपक्षीय वार्ता कर यें प्रस्ताव माननीय मुख्यमन्त्री के समक्ष रखा जायेगा ताकि भविष्य में राज्य आंदोलनकारियों कों जल्द न्याय मिल सकें।
बैठक में अभी तक जिलों में चिन्हीकरण ना होना,10% क्षैतिज आरक्षण का लाभ वर्ष 2011 से 2018 के बीच परीक्षा में उत्तीर्ण राज्य आंदोलनकारियों को ना मिलना,कैबिनेट के आदेश में अधीनस्थ चयन बोर्ड के अलावा अन्य संस्थाओं कों नहीं शामिल किया जाना, आश्रितों की उम्र सीमा ना बढ़ाने के साथ ही चिन्हिकरन कमेटी को अधिकार सम्पन्न बनाने पर गम्भीर चर्चा हुई।
बैठक में गृह सचिव शैलेश बगोली, सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल , वन्य जीव प्रतिपालक राजीव तलवार, सयुंक्त मंच के संयोजक अंबुज शर्मा ,कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष संतन सिंह रावत व कोषाध्यक्ष ललित जोशी, मंच के प्रदीप कुकरेती शामिल थे ।
