देहरादून, 12 जुलाई,राज्य आंदोलनकारीयों को राज्याधीन सेवाओं में प्रदत्त 10% क्षैतिज आरक्षण के लागू हो जाने के बावजूद 2 वर्षों से नियुक्ति न मिल पाने के कारण शहीद स्मारक पर 15 जून से चल रहे धरने के 28वाँ दिन बेहद निराशाजनक रहा।
आज सुबह क्रमिक अनशन में बैठे मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा व चमन सिंह बैठे ही थे औऱ लोगो का आना अभी शुरू ही हुआ था कि पिछले 27 दिनों से चल रहे धरने को लगातार अपना सहयोग दे रहे राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष नवनीत गुसाईं की मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ। जिसके बाद पूरे धरने में शोक की लहर फैल गई। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कल शाम को जो साथी हमारे बीच बैठा था अब वह नहीं रहा। इसके बाद घर पर फोन कर पता चला कि आज सुबह 10:30 के आसपास उनका शुगर लेबल तेजी से नीचे चला जिसके बाद आनन फानन में उन्हें नजदीक के हॉस्पिटल सीएमआई ले जाया गया लेकिन लेबल को कन्ट्रोल नहीं किया जा सका। लगभग 11 बजे उन्होंने इस नश्वर संसार से विदा ले ली।
मंच की संयोजक अम्बुज शर्मा ने नवनीत गोसाई की मृत्यु को आंदोलन के रूप में बड़ी क्षति बताया उन्होंने कहा कि पिछले 27 दिनों में ऐसा कोई भी दिन नहीं रहा कि जो वह उनके धरने में न पहुंचे हो , प्रत्येक शाम को वह बाहर से आए आंदोलनकारी से भोजन की व्यवस्था के बारे में पूछते रहते थे. उनका जाना इस आंदोलन की एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा सकता है खैर जाने वाले को कौन रोक सकता है हम लोगों की भगवान से प्रार्थना है कि वह जहां भी रहे सुखी रहे।
उनके मृत्यु पर आकस्मिक निधन पर प्रदेश भर के प्रमुख आंदोलनकारीयों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करी प्रमुख रूप से उ0कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष संतान रावत, उत्तरकाशी से बाल गोविंद, विजय राणा ,राम चंद्र नौटियाल, मोहम्मद इकबाल,इंद्रेश नौटियाल,रामनगर से भगवती कुकरेती, नारायण दत्त भट्ट (टिहरी) नवीन नैथानी (नैनीताल) विनोद बटवाल, सुरेश कुमार, ऋषिकेश से ,विकास रावत, राजेश शर्मा , राजेन्द्र प्रधान, शैलेश सेमवाल,पंकज सिंह रावत,गीता नेगी, अनंत आकाश, हरि प्रकाश शर्मा, रामकिशन, पूरन सिंह विशंभर दत्त बौठियाल,सुशील चमोली,प्रमिला रावत,वेद किशोर जुगरान, बालेश बवानिया,सुशील विरमानी, गुरु प्रसाद पटवाल,सुरेश कुमार,मनोरथ प्रसाद ध्यानी, प्रभात डंडरियाल,संदीप चौहान, अनुराधा मेंदोला,गुलाब सिंह नेगी,सूफी खलीक अहमद (उक्रांद नेता), पंकज सिंह रावत, आदि थे।
नवनीत गुसाईं (54 वर्ष) अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी व 8 वर्षीय पुत्र छोड़ गए। इसके बाद राज्य आंदोलनकारी सयुंक्त मंच से जुड़े साथियों ने धरने प्रदर्शन को स्थगित कर 2 मिनट का शोक सभा कर उनके निवास स्थान की ओर प्रस्थान किया। उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान हरिद्वार रोड( पुराना रोडवेज वर्कशॉप के बगल की गली) से हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी।
