देहरादून, 11 जुलाई, यूकेडी के सलाहकार सदस्य शैलेश गुलेरी आज अपने लाव लश्कर के साथ शहीद स्मारक पहुंचे और वहाँ क्रमिक अनशन / धरने पर बैठे सभी आंदोलनकारी को अपना समर्थन दिया।
राज्य आंदोलनकारीयों को राज्याधीन सेवाओं में प्रदत्त 10% क्षैतिज आरक्षण के लागू हो जाने के बावजूद 2 वर्षों से नियुक्ति न मिल पाने के कारण शहीद स्मारक पर 15 जून से चल रहे धरने के 27वें दिन आज भी धरना प्रदर्शन क्रमिक अनशन जारी रहा। आज 27वें दिन क्रमिक अनशन मे आनंद मणि और अम्बुज शर्मा बैठे।
आज धरना स्थल पर मौजूद आंदोलनकारीयों को उक्रांद के सर्वोच्च सलाहकार सदस्य शैलेश गुलेरी ने आकर समर्थन दिया। उन्होंने धरने पर मौजूद सभी लोगों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सब अपनी ही करनी का फल है जो भोग रहे हैं, राज्य बनने से पहले भी सड़कों पर थे और आज भी उसी स्थिति में पड़े हुए हैं अब आंदोलनकारियों को सोचना चाहिए कि वो 25 वर्षों से किन लोगों के हाथ प्रदेश की कमान सौंप रहे है अभी भी आंदोलनकारियों ने क्षेत्रीय दलों को मजबूत नहीं किया तो हालात और भी बद्तर हो जाएंगे। आगे उन्होंने कहा कि अगर जनता इस बार उत्तराखंड क्रांति दल को सत्ता का भागीदार बनाती है तो ये सब मसले चुटकियों में खत्म कर देंगे। चिन्हीकरण के पांचवे मानक को लागू करते हुए वास्तविक आंदोलनकारियों को चिन्हित करते हुए प्रतिमाह पेंशन ₹25000 की जाएगी।
समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से मूल-निवास भू-कानून के संयोजक मोहित डिमरी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के अध्यक्ष नवनीत गुसाई, राम किशन,मनोरथ प्रसाद ध्यानी,भगवती प्रसाद डोभाल, सूफी खलील अहमद, बहादुर सिंह रावत(उपाध्यक्ष यूकेडी), बालेश बवानिया, पत्रकार सुजाता पॉल,शैलेश सेमवाल, सतीश धौलाखंडी, बिमला खत्री,प्रभात डंडरियाल,त्रिलोचन भट्ट,आनंद तड़ियाल , शांति तड़ियाल, अनुराधा मेंदोला आदि थे।
