Skip to content
  • Thu. Jul 23rd, 2026
Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

निर्भीक निष्पक्ष शंखनाद nirbhek nishpaksh shankhanad

  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • पर्यावरण
  • धर्म संस्कृति
  • खेलकूद
  • सिनेमा
  • विरासत
  • पहाड़ी छुई
उत्तराखंड

नरेंद्र सिंह नेगी: जिनके गीतों में बसती है उत्तराखंड की आत्मा

Byrawat sanjay

Aug 12, 2025 #नरेंद्र सिंह नेगी

आज, 12 अगस्त 2025, को “गढ़रत्न” नरेंद्र सिंह नेगी का 76वां जन्मदिन है। उनके गीतों में उत्तराखंड की आत्मा बसती है, और वे सिर्फ एक लोकगायक नहीं, बल्कि एक कवि, संगीतकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिनकी आवाज पांच दशकों से उत्तराखंड के जन-जीवन का आईना बनी हुई है।

नरेंद्र सिंह नेगी: गीतों में पहाड़ का दर्द और संघर्ष


नेगी जी के गीतों का संसार वास्तविकता के धरातल पर रचा गया है। उन्होंने पर्वतीय जीवन के हर पहलू को अपने गीतों में उतारा है, चाहे वह एक माँ का संघर्ष हो, पलायन का दर्द हो, या पर्यावरण की चिंता।

पहला गीत: उन्होंने अपना पहला गीत अपनी माँ समुद्रा देवी के कठिन जीवन को देखकर रचा था: “सैरा बसग्याल बोण मा, रुड़ी कुटण मा, ह्यूंद पिसी बितैना, मेरा सदनी इनी दिन रैना” (बरसात जंगलों में, गर्मी कूटने में और सर्दी पीसने में बीती, मेरे दिन हमेशा ऐसे ही रहे)।

सामाजिक सरोकार: नेगी जी के गीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का माध्यम भी रहे हैं।

पलायन का दर्द: “न दौड़ ते उंदारी का बाटा…” और “ये उंच्ची-उंच्ची डांडी कांठी… न जावा छोड़िकी अपणि जल्म भूमि माटि” जैसे गीतों के माध्यम से उन्होंने पहाड़ से हो रहे पलायन के दर्द को मार्मिक रूप से व्यक्त किया।

पर्यावरण चेतना: वनों के कटान के खिलाफ उनका गीत “ना काटा तौं डाल्यूं…” आज भी प्रासंगिक है और भूस्खलन जैसी आपदाओं के संदर्भ में एक चेतावनी जैसा लगता है।

उत्तराखंड आंदोलन: 90 के दशक में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान, उनके गीत “हिटण लग्यां छन, बैठणा को लगा नी…” ने आंदोलनकारियों में जोश भरने का काम किया।

वर्तमान मुद्दे: हाल ही में, उन्होंने मजबूत भू-कानून और मूल निवास के लिए “उठा जागा उत्तराखंडियों” गीत के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया।

नरेंद्र सिंह नेगी सर्वोच्च संस्कृति सम्मान


उत्तराखंड लोक समाज द्वारा उनके नाम पर “नरेंद्र सिंह नेगी सर्वोच्च संस्कृति सम्मान” स्थापित किया गया है। यह सम्मान हिमालयी राज्यों में भाषा, साहित्य, और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व को दिया जाता है।

इस वर्ष के विजेता: यह सम्मान इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के प्रख्यात साहित्यकार और संस्कृति एक्टिविस्ट एस.आर. हरनोट को दिया जाएगा। हरनोट जी को साहित्य, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में उनके बहुआयामी योगदान के लिए चुना गया है।

समारोह स्थगित: यह सम्मान समारोह नेगी जी के जन्मदिन, 12 अगस्त 2025, को आयोजित होना था, लेकिन उत्तरकाशी की धराली में आई प्राकृतिक आपदा के कारण इसे सितम्बर माह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

एक जीवंत विरासत

नेगी जी का प्रभाव आज भी उत्तराखंड के समाज पर गहरा है। उन्हें संगीत नाटक अकादमी और एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर ऑफ लेटर्स जैसी उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी रचनाएं तीन पुस्तकों के रूप में भी प्रकाशित हुई हैं। आज भी, चाहे खेत-खलिहान हों या शहर के मंच, नेगी जी की आवाज उत्तराखंड की पहचान बनी हुई है।

नरेंद्र सिंह नेगी के 100 गीतों पर किस IAS अधिकारी ने पुस्तक लिखी है जानने के लिए नीचे दिए लिंक को क्लिक करें

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी की 75वीं वर्ष गाँठ पर आईएएस अधिकारी ने दिया नायाब तोहफा

Post navigation

/नोडल अधिकारी ने ली शिकायत प्रकोष्ठ के कार्यो की समीक्षा बैठक
नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर हुआ बवाल

By rawat sanjay

Related Post

उत्तराखंड

10% क्षैतिज आरक्षण के मसलों के लिए शीघ्र बनेगी कैबिनेट कमेटी : सुभाष बड़थ्वाल

Jul 19, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

राज्यान्दोलनकारी नवनीत गुसाईं की मृत्यु के बाद जागी सरकार

Jul 14, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

10% क्षैतिज आरक्षण :धरना स्थल पर राज्य आंदोलनकारी नवनीत गुसाईं को किया याद

Jul 13, 2026 jansamvad bureau

You missed

उत्तराखंड

10% क्षैतिज आरक्षण के मसलों के लिए शीघ्र बनेगी कैबिनेट कमेटी : सुभाष बड़थ्वाल

July 19, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

राज्यान्दोलनकारी नवनीत गुसाईं की मृत्यु के बाद जागी सरकार

July 14, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

10% क्षैतिज आरक्षण :धरना स्थल पर राज्य आंदोलनकारी नवनीत गुसाईं को किया याद

July 13, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष नवनीत गुसाईं का आकस्मिक निधन

July 12, 2026 jansamvad bureau

Founder  :-   Ambuj sharma
Website  :-   www.jansamvadonline.com
Email      :-   jansamvadonline.com@gmail.com
Call         :-   +91 7017728425

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

निर्भीक निष्पक्ष शंखनाद nirbhek nishpaksh shankhanad

Proudly powered by WordPress | Theme: Newsup by Themeansar.

  • Home