नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या से मारपीट का आरोप
चार जिला पंचायत सदस्यों की किडनैपिंग का भी लगाया आरोप
भाजपा प्रत्याशी ने नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ थाने में दी तहरीर
नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में आज भारी बवाल और हंगामा देखने को मिला, जहाँ बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर अपने जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। मामला इतना बढ़ गया कि नैनीताल हाईकोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा।
क्या है पूरा विवाद?
दोनों पार्टियों के आरोप:
बीजेपी: अध्यक्ष पद की प्रत्याशी दीपा दर्मवाल ने कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, भुवन कापड़ी और पूर्व विधायक संजीव आर्या पर मारपीट करने और अपने चार सदस्यों को गायब करने के प्रयास का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
कांग्रेस: कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए बीजेपी और पुलिस पर अपने पांच समर्थित पंचायत सदस्यों के दिनदहाड़े अपहरण का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने यह भी कहा कि उनके और विधायक सुमित हृदयेश के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप:
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता न्याय की गुहार लगाने हाईकोर्ट पहुंचे। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने:
नैनीताल के डीएम और एसएसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया। मतदान को शांतिपूर्वक संपन्न कराने और मतदान का समय बढ़ाने के निर्देश दिए। कांग्रेस के 10 सदस्यों को पुलिस सुरक्षा में मतदान केंद्र तक पहुंचाने को कहा। पुलिस को कांग्रेस द्वारा कथित रूप से अगवा किए गए पांच सदस्यों को ढूंढकर मतदान केंद्र लाने का आदेश दिया, शाम 4:30 बजे तक पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करने को कहा।
यह घटनाक्रम उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रही जबरदस्त राजनीतिक खींचतान को उजागर करता है, जहाँ दोनों प्रमुख दल जीत के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई और चुनाव के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।
