दिनांक 8 जून, देहरादून : 10% क्षैतिज आरक्षण को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त मंच के साथियों ने आज पुन शहीद स्मारक पर एकत्रित हो कर आमसभा का आयोजन किया।
सभा में वक्ताओं ने खुद के साथ हो रहे सरकारी छल पर आक्रोश व्यक्त करते हुऐ कहा कि जहाँ सरकार ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आंदोलनकारियों के हित में 10% क्षैतिज आरक्षण को लागू करने का कार्य किया तो वहीं सचिवालय में बैठे नुमाइंदे उनकी मंशा पर पानी फेरने का कार्य कर रहे हैं। इन नुमाइंदों की कारगुजारी पर कड़ी भर्त्सना करते हुऐ कहा कि प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को भी यह लोग नियुक्ति देने में आनाकानी कर रहे है। कई बार प्रतिवेदन करने के पश्चात भी सचिवालय स्तर पर उनकी फाइनल रोक दी जाती है। जिससे खिन्न होकर आज उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से एक पत्र माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित करते हुए अनुरोध किया कि अगर उनकी मांगों पर सहानभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो मजबूरन वह आगामी 15 जून से धरने पर बैठने को बाध्य होंगे।
उक्त पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने उत्तराखंड सम्मान परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष को भी व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करते हुए उक्त मामले में मा0 मुख्यमंत्री से अतिशीघ्र एक वार्ता आयोजन करवाने की इच्छा जाहिर की। आज की बैठक में प्रतिभा करने वालों में खटीमा से श्रीमती सुनीता ठाकुर,अंबुज शर्मा रामकिशन, नवनीत गोसाई,सुरेश कुमार,बिशम्भर दत्त बौठियाल, नवीन भट्ट, चिंतन सकलानी, चमन सिंह, पुष्प लता वैश्य, राजदुलारी, कल्पेश्वरी नेगी, पारुल, विकास रावत, संजय रावत, प्रभात डंडरियाल, शांति शर्मा आदि मौजूद थे।
