पंचायत चुनावः कड़ी सुरक्षा के बीच होगा मतदान
गुरूवार को पंचायत चुनाव के फर्स्ट फेज के लिए प्रदेश के 12 जिलों के 49 ब्लॉकों में मतदान होगा। दो जिले ऐसे हैं, जहां फर्स्ट फेज में ही चुनाव संपन्न हो जाएंगे, जिसमें बागेश्वर और रूद्रप्रयाग शामिल हैं। फर्स्ट फेज में 17, 829 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 28 जुलाई को होने वाले दूसरे फेज में 14,751 कैंडिडेट मैदान में हैं। फर्स्ट फेज के मतदान के लिए राज्य के 49 ब्लॉकों के 4679 मतदान केंद्रों के 5823 मतदान स्थल पर वोटिंग होनी है। जिसमे से 1521 संवेदनशील केंद्र हैं और 533 अति संवेदनशील केंद्र हैं। इसके लिए करीब 8 हजार पुलिस जवान, 3420 होमगार्ड के जवान, 2376 पीआरडी, 1512 वन कर्मी के साथ 22 कम्पनी पीएसी को तैनात किया गया है। मानसून को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
देहरादून। तमाम सारे विवाद और चुनौतियों के बीच गुरूवार 24 जुलाई को छोटी सरकार चुनने के लिए पहले चरण का मतदान होगा। हालांकि चुनाव आयोग और जिला प्रशासनों का दावा है कि उनके द्वारा किसी भी समस्या से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और राज्य में कल पहले चरण के लिए होने वाला मतदान शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न करा लिया जाएगा, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी यह बता रही है की बारिश मतदान में खलल डाल सकती है और मतदान का प्रतिशत कम रह सकता है। गुरूवार को जिन जिलों में पहले चरण का मतदान होना है उनमें 49 ब्लॉक के 17 हजार से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में है जिनके लिए 4679 मतदान केंद्र तथा 5823 मतदेय स्थल बने गए हैं। जिनमें से 1521 संवेदनशील और 533 अति संवेदनशील मतदान केन्द्र चिन्हित किए गए हैं। गुरूवार को होने वाले इस मतदान के लिए पुलिस व सुरक्षा बलों के कुल 18 हजार सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। तीन दिनों से इन चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों को भेजने का काम जारी था।
इस चुनाव में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। देहरादून की बात करें तो यहां कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के पुत्र अभिषेक तथा भाजपा नेता मुन्ना सिंह चैहान की पत्नी मधु चैहान चुनाव मैदान में है। वही नैनीताल की बात करें तो यहां सरिता आर्य के बेटे रोहित आर्य व मातवर सिंह कंडारी के पुत्र चुनाव मैदान में है। उधर अल्मोड़ा में गोविंद सिंह कुंजवाल की पुत्रवधू सुनीता कुंजवाल भी चुनाव लड़ रही है।
पोलिंग पार्टियंा कुछ मतदान केंद्र तक पहुंच गई है तथा कुछ अभी भी रास्तों की दुर्गमता के कारण रास्ते में फंसी हैं। मौसम विभाग द्वारा पहले ही राज्य में कहीं सामान्य से अधिक तो कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की इस बेरुखी के बीच 2 होने वाले इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत कम रहने की संभावना बनी हुई है। तथा कुछ ऐसे मतदान केंद्र भी हो सकते हैं जहां चुनाव हो पाना संभव न हो। लेकिन चुनाव आयोग ने इसके लिए फिर 28 को या 30 को मतदान कराने की योजना बना रखी है।
