देहरादून : 10 जुलाई, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के तत्वाधान में शहीद स्मारक देहरादून में धरना-प्रदर्शन / कर्मिक-अनशन के 26वें दिन पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री विवेकानंद खंडूरी,मसूरी से देवी गोदियाल, हरबर्टपुर से उर्मिला शर्मा, नैनीताल से सुरेश चंद जोशी, हल्द्वानी से भुवन चंद जोशी, पिथौरागढ़ से चंद्र शेखर कापड़ी व पूर्व मेयर प्रत्याशी सरदार खान पप्पू आज धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारी को अपना समर्थन दिया.
जैसा कि विदित है पिछले दो वर्षों से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे राज्य आंदोलनकारी/आश्रित धरने पाए बैठे हैं। आज 26 वें दिन क्रमिक अनशन पर सयुंक्त मंच के संयोजक अंबुज शर्मा व चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष बिशम्भर दत्त बौठियाल बैठे।
आज भारी बारिश के बीच पूर्व दर्जाधारी विवेकानंद खंडूरी व मसूरी से आये देवी गोदियाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारीयों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के मसलों को गंभीरता से नहीं ले रही है, उन्होंने बताया कि चिन्हीकरण की तीसरी बैठक में अधिकारी बिना किसी तैयारी नजर आए मानो बैठक की खानापूर्ति कर रहे हों , जिसका कि उन्होंने कड़ा विरोध किया। वहीं 10% क्षैतिज आरक्षण पर बोलते हुए कहा कि सरकारी सिस्टम की गलती का खामियाजा हमारे आदोलनकारियों को भोगना पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इस मसले का शीघ्रता से निस्तारण करना चाहिए।
हरबर्टपुर से पहुंची वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी उर्मिला शर्मा व बी0डी0 बौंठियाल ने कहा कि पिछले बार भी यह लोग 10% एक्ट लागू करवाने के लिये कई बार धरने में बैठ चुके हैं जिसके बाद ही यह एक्ट लागू हो पाया और उसके बाद भी आज 2011 से 2018 के बीच के परीक्षार्थियों को इधर उधर की बातें कर के गुमराह कर रही है। सम्मान परिषद के दोनों उपाध्यक्ष धरने में आ चुके हैं अध्यक्ष महोदय को भी सोसल मीडिया के माध्यम से पत्र भेजा जा चुका है उसके बाद भी सुनवाई के ना होना सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है। यह लोग पहले से ही अपने जीवन के १२ साल उच्च न्ययालय के नाम पर गँवा चुके हैं अब और देर करना इनके प्रति सरासर बेईमानी होगी।
धरने के समर्थन में हल्द्वानी से पहुंचे यूकेडी के केन्द्रीय उपाध्यक्ष भुवन चंद जोशी व चन्द्र शेखर कापड़ी ने कहा कि आज आंदोलनकारियों की दुर्दशा के लिए कहीं ना कहीं वह खुद भी जिम्मेदार हैं, प्रदेश भर में आंदोलनकारीयों के कई संगठन बन चुके हैं जो प्रदेश से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को छोड़ आपस में ही एक दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं । इसी बात का फ़ायदा सरकार उठा रही है। सभी राज्य हितैषी ताकतों को एक साथ खड़े होना होगा वह सरकार से अपनी जायज़ मांगो को मनवा सकेंगे।
समर्थन देने वालों में आज राम कुमार, नवनीत गुसाईं, विकास रावत,राजेश शर्मा,राजेन्द्र प्रधान,शैलेश सेमवाल,पंकज सिंह रावत,गीता नेगी, अनंत आकाश, सुशील विरमानी, पुष्पलता सिलमाना, गुरु प्रसाद पटवाल,सुरेश कुमार,विनोद असवाल,मनोरथ प्रसाद ध्यानी, प्रभात डंडरियाल ,संदीप चौहान, अनुराधा मेंदोला, गुलाब सिंह नेगी आदि प्रमुख रहे।
