देहरादून, 5 जुलाई: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के तत्वाधान में उत्तराखंड आंदोलनकारी /आश्रितों को सरकारी नौकरी में 10% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद विगत दो वर्षों से नियुक्ति नहीं मिलने के कारण शहीद स्मारक में धरना प्रदर्शन/कार्मिक अनशन आज 21वें दिन भी जारी रहा।
क्रमिक अनशन के 21वें दिन खटीमा से आये बलवंत सिंह भाटिया, होशियार सिंह ज्याला और उत्तरकाशी से आई शकुंतला रावत बैठे।
खटीमा से आये साथियों ने कहा कि पिछले 13 सालों से नियुक्ति का इंतजार करते हुए सब्र का बांध टूटने की कगार पर है, इस मामले में शासन-प्रशासन पहले ही बहुत देर कर चुका है, अभ्यर्थियों की उम्र भी निकलती जा रही, नौकरी के वर्ष बहुत कम बचे हैं अतः सरकार को शीघ्र इस मामले का पटाक्षेप करना चाहिए।
संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने बताया कि आज खटीमा के साथियों के आ जाने से इस आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। अब समस्त उत्तराखंड से अपनी नियुक्ति की बाट जोह रहे सभी आंदोलनकारी/आश्रित एक साथ एक मंच पर खड़े होकर सरकार से अपनी नियुक्ति की मांग कर रहें हैं।
समर्थन देने वालों में राज्य आंदोलनकारी मंच के सलाहकार केशव उनियाल, जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, राम लाल, खटीमा से भूपेंद्र सिंह ज्याला,दीवान सिंह धामी, विकास नगर से राम किशन, चमन सिंह, ऋषिकेश से शैलेश सेमवाल,उत्तरकाशी से शिव सिंह रावत, चिन्हित आंदोलनकारी संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विजेंद्र पोखरियाल,मसूरी से बिल्लू बाल्मिकी,क्रांति अभिषेक,वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष विनोद असवाल अध्यक्ष, नेताजी संघर्ष समिति के प्रभात डंडरियाल आदि लोग मौजूद थे।
