Skip to content
  • Tue. Mar 10th, 2026
Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

निर्भीक निष्पक्ष शंखनाद nirbhek nishpaksh shankhanad

  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • पर्यावरण
  • धर्म संस्कृति
  • खेलकूद
  • सिनेमा
  • विरासत
  • पहाड़ी छुई
उत्तराखंड

उत्तराखंड भाषा संस्थान: मुख्यमंत्री ने प्रदान किये उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान

Byjansamvad bureau

Feb 21, 2024 #उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान

भाषा संस्थान साहित्यिक एवम् भाषाई गतिविधियों को व्यापक स्तर प्रदान करें-धामी

देहरादून, 21फ़रवरी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा सर्वे चौक स्थित आई0आर0डी0टी0 सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 10 साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के साहित्य गौरव सम्मान समारोह में उपस्थित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आये साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों का स्वागत करते हुए सभी को विश्व मातृभाषा दिवस की भी शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान से अपेक्षा की कि वे अपनी साहित्यिक एवम् भाषाई गतिविधियों को व्यापक स्तर प्रदान कर प्रदेश में साहित्य ग्राम बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन भी करें, इससे प्रदेश में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों व उनमें रचे जा रहे साहित्य को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान एक ऐसे राज्य के रूप में है, जहां भाषा और साहित्य की सेवा करने वाली अनेक विभूतियों- सुमित्रानंदन पंत, भजन सिंह, गोविंद चातक, गुमानी पंत, शैलेश मटियानी, डॉ० पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल, मनोहर श्याम जोशी, गौरा पंत शिवानी, शेखर जोशी, लीलाधर जगूड़ी, वीरेन डंगवाल, गिरीश तिवारी गिर्दा और भैरव दत्त धूलिया ने जन्म लिया।

इन्होंने अपनी रचनाओं से उत्तराखण्ड की चिंतन परंपरा को विराट भावभूमि प्रदान की है। इसके अतिरिक्त इलाचंद्र जोशी, ओमप्रकाश वाल्मीकि, सरदार पूर्ण सिंह, प्रसून जोशी, गंगाप्रसाद विमल, शेरजंग गर्ग आदि अनेकों साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में साहित्य के क्षेत्र में छोटे से स्थानों में जन्म लेकर सुमित्रानन्दन पन्त, शैलेश मटियानी, लीलाधर जगूड़ी आदि जैसे महान रचनाकारों ने इसकी चिन्तन परम्परा को विराट भाव भूमि प्रदान की है।

महादेवी वर्मा पुरस्कार, डॉ० सुशील उपाध्याय को शैलेश मटियानी पुरस्कार, डॉ० ललित मोहन पंत को डॉ0 पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार तथा गणेश खुगशाल ‘गणी’ को भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार से सम्मानित किया तथा कहा कि आप सभी को सम्मानित कर भाषा संस्थान स्वयं सम्मानित हुआ है। उत्तराखण्ड साहित्य गौरव समान समारोह को भाषा मंत्री एवं कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध उनियाल ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुये कहा कि हमारे लिये यह गौरव के क्षण हैं तथा किसी भी समाज में साहित्य व कला का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये पूर्व मुख्य सचिव इन्दू कुमार पाण्डेय ने कहा कि वेदों के जो भी मंत्र हैं, उनमें देवता का आह्वान होता है। उन्होंने कहा कि कवि को परिभाषित नहीं किया जा सकता है, वह मंत्र द्रष्टा है। इसी कारण शब्द को ब्रह्म का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा में शब्द को ब्रह्म कहा गया है तथा हमारी साहित्य की परम्परा काफी समृद्ध है। कार्यक्रम को विधायक खजान दास, निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान सुश्री स्वाति एस0 भदौरिया, डॉ0 सुधा पाण्डे ने भी भाषा संस्थान द्वारा उठाये गये कदमों के सम्बन्ध में विस्तार से प्रकाश डाला।

इस मौके पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान की पत्रिका तथा कुमाऊंनी भाषा साहित की पराण नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। मंच का सफल संचालन हेमन्त बिष्ट ने किया।

इस अवसर पर सचिव विनोद रतूड़ी, प्रो0 कुमुदिनी नौटियाल, प्रो0 लक्ष्मण, बीना वेंजवाल, प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल, नवीन लोहानी, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, हयात सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

Post navigation

धामी कैबिनेट ने लिऐ 10 बड़े फैसले
जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने जांची बोर्ड परीक्षाओं की विभिन्न व्यवस्थायें

By jansamvad bureau

Related Post

उत्तराखंड

डीएम के सख्त निर्देश, आज शाम तक पूरी हों सभी व्यवस्थाएं

Mar 6, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

Mar 2, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने देहरादून के छात्रों को मानवाधिकार और जागरूकता का संदेश दिया

Mar 2, 2026 jansamvad bureau

You missed

उत्तराखंड

डीएम के सख्त निर्देश, आज शाम तक पूरी हों सभी व्यवस्थाएं

March 6, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

March 2, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने देहरादून के छात्रों को मानवाधिकार और जागरूकता का संदेश दिया

March 2, 2026 jansamvad bureau
उत्तराखंड

“सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर”- एक नई पहल

February 27, 2026 jansamvad bureau

Founder  :-   Ambuj sharma
Website  :-   www.jansamvadonline.com
Email      :-   jansamvadonline.com@gmail.com
Call         :-   +91 7017728425

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Proudly powered by WordPress | Theme: Newsup by Themeansar.

  • Home