Skip to content
  • Thu. Oct 22nd, 2026
Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

निर्भीक निष्पक्ष शंखनाद nirbhek nishpaksh shankhanad

  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • पर्यावरण
  • धर्म संस्कृति
  • खेलकूद
  • सिनेमा
  • विरासत
  • पहाड़ी छुई
उत्तराखंड

मीना ठाकुर की 03 बेटियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पहले ही करा चुकें हैंपुनर्जीवित

ByJan Samvad Desk

March 13, 2026 #प्रसंग में

देहरादून, 13 मार्च 2026; जनपद में असहाय, पीड़ित एवं जरूरतमंद नागरिकों की सहायता के प्रति जिला प्रशासन निंरतर संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी के मानवीय हस्तक्षेप से विपरीत परिस्थितियों से जूझ रही  5 बच्चों की माता मीना ठाकुर एवं 2 बच्चों की माता परित्यक्ता अमृता जोशी को 1-1 लाख की धनराशि सीएसआर फंड से प्रदान की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने प्रकरणों पर जांच जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी।  
प्रकरण-1 सुद्दोवाला निवासी मीना ठाकुर ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पति पिछले लगभग आठ वर्षों से लापता हैं, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। ऐसी परिस्थिति में मीना ठाकुर पर अपने पांच बच्चों के लालन-पालन, शिक्षा और भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी आ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति के कारण वह किराये के मकान में रहकर बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का गुजर-बसर कर रही हैं।
मीना ठाकुर के परिवार में 4 बेटियां तथा 1 बेटा व  2 दिव्यांग बेटी है। बच्चों की शिक्षा तथा परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना उनके लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया था। विशेष रूप से दिव्यांग बेटी के देखभाल एवं उपचार की जिम्मेदारी के कारण आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया था। मीना ठाकुर की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से 01 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए, जो सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी गई।
जिलाधिकारी द्वारा प्रदान की गई इस सहायता राशि से मीना ठाकुर अब स्वरोजगार के माध्यम से कोई छोटा-मोटा व्यवसाय प्रारंभ कर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए स्थायी आय का स्रोत विकसित कर सकेंगी। इससे उनके बच्चों की शिक्षा तथा परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मीना ठाकुर के परिवार को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने मीना ठाकुर की तीनों बेटियों की शिक्षा को “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के माध्यम से पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि मीना ठाकुर की दिव्यांग बेटियों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
प्रकरण-2 खुड़बुड़ा क्षेत्र में किराये के मकान में निवास कर रही परित्यक्ता महिला अमृता जोशी जीवनयापन के लिए दूसरों के घरों में चूल्हा-चौका कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। उनके परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उनका बड़ा बेटा मानसिक विकार से ग्रस्त है, जिसके उपचार में निरंतर आर्थिक व्यय हो रहा था। सीमित आय के कारण वह अपने बेटे के उपचार तथा घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो रही थीं। इसी बीच कई महीनों से छोटे बेटे की स्कूल फीस जमा न होने के कारण विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया। वहीं आर्थिक तंगी के चलते मकान का किराया भी समय पर अदा न कर पाने के कारण मकान मालिक ने अमृता जोशी और उनके परिवार को घर से बाहर कर दिया। ऐसी विषम परिस्थितियों में अमृता जोशी ने अपनी व्यथा जिलाधिकारी को सुनाई। डीएम ने अमृता की दयनीय स्थिति एवं पारिवारिक जिम्मेदारी को दृष्टिगत रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से अमृता जोशी को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खाते में हस्तांतरित करवाई।
इस सहायता राशि से अमृता जोशी अब अपने बड़े बेटे का समुचित उपचार कराने के साथ ही छोटे बेटे की स्कूल फीस तथा मकान का बकाया किराया अदा कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त वह इस धनराशि का उपयोग कर कोई छोटा-मोटा स्वरोजगार प्रारंभ कर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए स्थायी आय का स्रोत भी विकसित कर सकेंगी।
जिलाधिकारी की इस पहल से न केवल एक जरूरतमंद परिवारों को संकट की घड़ी में संबल मिला है,  जिला प्रशासन द्वारा असहाय, व्यथित एवं पीड़ित व्यक्तियों की समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित और मानवीय कदम उठाए जाते हैं। जिला प्रशासन द्वारा आगे भी ऐसे जरूरतमंद नागरिकों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते रहेंगे।

Post navigation

उत्तराखंड :कक्षा 2 के छात्र की मौत, 4 बच्चे घायल
एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन सख्त, गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण

By Jan Samvad Desk

Related Post

उत्तराखंड

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास

October 16, 2026 rawat sanjay
उत्तराखंड

एडीएम के.के. मिश्रा ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए परीक्षा की शुचिता

October 16, 2026 rawat sanjay
उत्तराखंड

विशेष शिविर लगाकर बनाए जाएंगे आय-जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड

October 16, 2026 rawat sanjay

You missed

उत्तराखंड

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास

October 16, 2026 rawat sanjay
उत्तराखंड

एडीएम के.के. मिश्रा ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए परीक्षा की शुचिता

October 16, 2026 rawat sanjay
उत्तराखंड

विशेष शिविर लगाकर बनाए जाएंगे आय-जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड

October 16, 2026 rawat sanjay
उत्तराखंड

21 से 26 अक्टूबर तक विभिन्न विकासखंडों में होंगे शिविर

October 15, 2026 rawat sanjay

Founder  :-   Ambuj sharma
Website  :-   www.jansamvadonline.com
Email      :-   jansamvadonline.com@gmail.com
Call         :-   +91 7017728425

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

Jansamvad online | जनसंवाद उत्तराखंड न्यूज़ | Jansamvadonline .com

निर्भीक निष्पक्ष शंखनाद nirbhek nishpaksh shankhanad

Proudly powered by WordPress | Theme: Newsberg by Themeansar.

  • Home