देहरादून 23 जुलाई : उत्तराखंड में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना में करोड़ों रुपये के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे मामले की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) से कराने के निर्देश दिए हैं।
मामले के मुख्य बिंदु:
- क्या है मामला: राज्य में कई शिक्षण संस्थानों द्वारा अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घोटाला 2021-22 और 2022-23 के दौरान हुआ।
- कैसे हुआ घोटाला: संस्थानों ने फर्जी छात्रों की सूची, फर्जी आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी धन हड़प लिया।
- कौन हैं शामिल: इस घोटाले में मदरसे, संस्कृत विद्यालय और अन्य निजी स्कूल-कॉलेज शामिल हैं। जांच में ऊधमसिंहनगर के सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल और रुद्रप्रयाग के एक महाविद्यालय में भी अनियमितताएं पाई गई हैं।
- घोटाले का स्तर: केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 92 संस्थाएं शक के दायरे में हैं, जिनमें से 17 संस्थानों में गबन की पुष्टि हो चुकी है।
- सरकार की कार्रवाई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SIT जांच का आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। SIT विभिन्न जिलों के संस्थानों के साथ-साथ इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी।

