उत्तरकाशी 06 अगस्त, 2025: हर्षिल और धराली में मंगलवार को आई भीषण आपदा के बाद आज भी राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया, वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
आपदा की वर्तमान स्थिति:
जनहानि: इस आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 9 सेना के जवानों सहित कुल 19 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 8 स्थानीय और 2 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। एक स्थानीय व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है।
बचाव कार्य: सेना, NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 135 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
नुकसान का स्तर: धराली का एक बड़ा हिस्सा 20 से 25 फीट ऊंचे मलबे में दब गया है। एक आर्मी कैंप को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सरकार और प्रशासन एक्शन में
मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद धराली पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही मदद: सड़क मार्ग कई जगहों पर बाधित होने के कारण दो हेलीकॉप्टरों से खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भेजी जा रही है ताकि मलबा हटाया जा सके।
प्रशासन की तैनाती: जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 11 डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी है और राहत शिविरों में भोजन व दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
बचाव कार्य में चुनौतियां
खराब मौसम: लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में भारी दिक्कत आ रही है। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
अवरुद्ध मार्ग: धराली तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग तीन जगहों पर बाधित हैं, जिससे बचाव टीमों और मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
खतरा टला नहीं, मौसम का ‘रेड अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए चेतावनी जारी करते हुए देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया है। इन क्षेत्रों में अति भारी वर्षा, बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
