हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले के दौरान, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बीईजी (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) आर्मी के तैराक दल को तैनात किया गया है। ये जवान गंगा के विभिन्न घाटों पर अपनी मोटरबोटों के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं और डूबते हुए कांवड़ियों की जान बचा रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
- जीवन रक्षक पहल: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर, कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उनके गंगा में गहरे पानी में जाने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सेना के तैराक दल को तैनात किया गया है।
- सफल बचाव अभियान: अब तक, बीईजी आर्मी के जवानों ने 22 शिवभक्त कांवड़ियों को डूबने से सफलतापूर्वक बचाया है। बचाने के बाद इंडियन रेडक्रॉस के स्वयंसेवक उन्हें प्राथमिक उपचार देकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर रहे हैं।
- तैनाती क्षेत्र: जवानों की तैनाती हरकी पैड़ी, गऊघाट, सुभाषघाट, रोडी बेलवाला घाट से लेकर रुड़की गंगनहर के विभिन्न क्षेत्रों तक की गई है, जहाँ वे लगातार गश्त कर रहे हैं।
- संयुक्त प्रयास: यह बचाव अभियान जिला प्रशासन, बीईजी आर्मी और इंडियन रेडक्रॉस का एक संयुक्त प्रयास है, जिसका नेतृत्व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोबाल कर रहे हैं।
- सार्वजनिक प्रशंसा: सेना के जवानों द्वारा की जा रही इस निस्वार्थ सेवा की कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और उनके परिवारों द्वारा बहुत सराहना की जा रही है।
यह खबर भारतीय सेना के जवानों की वीरता और सेवा भावना को उजागर करती है जो धार्मिक आयोजन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
